

नई दिल्ली
विमान से सफर करने वालों टेंशन रहती है कि कहीं उनका सामान खो ना जाए। बैगेज पॉइंट पर भी लोग इंतजार में रहते हैं कि उनका बैग कब आएगा या कहां पहुंचा है। यह प्रॉब्लम काफी हद तक सॉल्व हो सकती है। एयर इंडिया ने एक नया फीचर शुरू किया है। इसकी मदद से खोये हुए सामान को या अपने बैगेज को ट्रैक करने में मदद मिलेगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया ने अपने सिस्टम में ऐपल एयर टैग (Apple AirTag) को जोड़ लिया है। अब जो भी यात्री एयर इंडिया की फ्लाइट से सफर करेंगे और उनके पास आईफोन, आईपैड या आईमैक है तो वह अपने सामान को ट्रैक कर पाएंगे।
एयर इंडिया का दावा है कि वह इस सुविधा को पेश करने वाली एशिया की पहली एयरलाइन कंपनी है। कंपनी के मुताबिक वह हर साल 10 करोड़ से ज्यादा सामान को जिम्मेदारी के साथ यात्रियों तक पहुंचाती है। 99.6 फीसदी सामान यात्रियों को टाइम पर मिल जाता है, लेकिन कुछ सामान एयरपोर्ट पर फ्लाइट छूटने की वजह से लेट हो जाता है। अब एयरटैग की मदद से उस सामान की ढूंढने में मदद ली जा सकेगी।
कहां ढूंढ पाएंगे लोग अपना सामान
एयर इंडिया ने बताया है कि लोग अपना खोया हुआ सामान वेबसाइट पर “Track My Bags” टैब में देख पाएंगे। अगर आप ऐपल यूजर हैं और आपका सामान एयर इंडिया की फ्लाइट में खो जाए, तो जानते हैं कि AirTag कैसे काम करेगा।
अगर एयर टैग लगा हुआ सामान खो गया है, तो यात्रियों को एयर इंडिया के बैगेज काउंटर में इसकी जानकारी देनी होगी। वहां मौजूद कर्मचारी एक फॉर्म भरने में मदद करेंगे।
उसके बाद यात्री को एयरटैग की लोकेशन शेयर करनी होगी। इसके लिए अपने आईफोन में फाइंड माई ऐप में जाकर शेयर आइटम लोकेशन का लिंक एयर इंडिया को भेजना है।
अब यह लिंक भेजना कैसे है, वह भी जानते हैं। अगर आप एयर इंडिया का मोबाइल ऐप यूज करते हैं तो कस्टमर सपोर्ट पोर्टल में जाएं। वहां बैगेज सिलेक्ट करें। फिर लॉस्ट एंड फाउंड चेक-इन बैगेज पर जाकर लिंक ऐड कर दें।
इसी तरह वेबसाइट पर लिंक ऐड करने के लिए भी आपको लॉस्ट एंड फाउंड चेक-इन बैगेज पर जाना होगा। वहां लिंक सबमिट करके पीआईआर नंबर डालना होगा। यह वही नंबर है, जो फॉर्म भरते वक्त आपको मिला होगा।
इसके बाद आप अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। एयर इंडिया की ओर से भेजे गए ई-मेल लिंक में स्टेटस देखा जा सकेगा।
जैसे ही एयर इंडिया की टीम को आपका सामान मिलेगा, वह आपको हैंडओवर कर देगी।
ध्यान देने वाली बात है कि ऐपल एयरटैग का फायदा उन यात्रियों को ही मिलेगा, जो ऐपल डिवाइसेज जैसे-आईफोन, आईपैड आदि यूज करते हैं।